अहलेबैत समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार यमन के जनांदोलन अंसारूल्लाह के नेता ज़ैफुल्लाह शामी ने लेबनान के अलमयादीन टीवी चैनल को इंटरव्यू देते हुए शर्मुश् शैख में अरब लीग के शिखर सम्मेलन में यमन के भगौड़े राष्ट्रपति मंसूर हादी और अन्य अरब प्रमुखों के बयान को बेहद शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि यह सारे बयान यमन की जनता के साथ जंग के संदर्भ में दिए गए लेकिन यमन की जनता सऊदी सरकार की आक्रामकता के सामने घुटने नहीं टेकेगी।
अंसारूल्लाह आंदोलन के नेता ज़ैफुल्लाह शामी ने कहा कि अंसारुल्लाह ने हमेशा बातचीत और वार्ता का समर्थन किया है लेकिन वह इस बात को कभी स्वीकार नहीं करेगी कि यह वार्ता यमन के दायरे से बाहर जाये और सऊदी अरब, अमेरिका और इस्राईल की देखरेख में हो।
अंसारूल्लाह आंदोलन की राजनीतिक परिषद के सदस्य ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि अरब प्रमुखों की ओर से बयान की गई चिंता वही है जो अमेरिका और इस्राईल द्वारा व्यक्त की जाती है, कहा कि अरब प्रमुख, अरब दुनिया और इस्लामी दुनिया को पेश आने वाले ख़तरों पर चुप्पी साधे हुए हैं।
लेकिन जब अमेरिका और इस्राईल के हित खतरे में पड़ जाते हैं तो अपनी आवाज बुलंद करते हैं। उन्होंने शर्मुश् शेख में अरब शिखर सम्मेलन में भाग लेने वालों से पूछा कि क्या वह इस्राईल के खिलाफ संयुक्त रुख अपना सकते हैं या इस्राईल का मुकाबला करने के लिए संयुक्त अरब सेना बना सकते हैं? ज़ैफुल्लाह शामी ने कहा कि यमन में सऊदी अरब के हवाई हमलों का नतीजा केवल महिलाओं और बच्चों के नरसंहार और आवासीय घरों की तबाही की सूरत में निकला है लेकिन यमन की जनता इस साजिश का भी सामना करेगी।
29 मार्च 2015 - 13:20
समाचार कोड: 679810
यमन के जनांदोलन अंसारूल्लाह के नेता ज़ैफुल्लाह शामी ने लेबनान के अलमयादीन टीवी चैनल को इंटरव्यू देते हुए शर्मुश् शैख में अरब लीग के शिखर सम्मेलन में यमन के भगौड़े राष्ट्रपति मंसूर हादी और अन्य अरब प्रमुखों के बयान को बेहद शर्मनाक बताया